हित का अटूट बंधन

जब हित का धागा सामने आता है

आदमी कुछ भी नही कर पाता है

सिवाय इसके की वो इसे बाधं ले

फिर चाहे कितनी ही मोहब्बतें

क्यों न बिखर जायें

फिर चाहे कितने ही रिश्ते

क्यों न टूट जायें

हित का यह बन्धन अटूट होता है

सब कुछ टूट जाये यह नही टूटता

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  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 13/03/2016

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