एक सपना …… अखण्ड भारत का !

कवि – अनुज तिवारी

माँ का आँचल छीन रहे,
जो पाला इन हुरदंगो को !
अस्मत माँ की मैली करते,
कर हिंदू-मुस्लिम दंगो को !!

आज पाक संग मस्ती करते,
गाँवों मे गलियारों मे !
पर देश का सौदा कर डाला,
कूछ घर के गद्दारों ने !

लाल बहादुर जी का वीणा,
गर कोई नहीँ उठाएगा !
एक अखंड भारत का सपना ,
सपना ही रह जायेगा !

5 Comments

  1. omendra.shukla omendra.shukla 13/03/2016
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 13/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 13/03/2016
    • Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 13/03/2016
  3. Akshita Sepat 05/05/2016

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