बेशकीमती है मेरा चमन………..


जालिम बहुत है वो हर घर, गली , मुहल्ले में छुपे बैठे है
उनसे अपना चेहरा छुपाये रखना, नजरे बचाये रखना,
कही कर न जाए दागदार पाक दामन को पाकर मौका
बेशकीमती है मेरा चमन, इसकी आबो हवा बनाये रखना !!

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डी. के निवातियां

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/03/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/03/2016

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