दिल के टूटने की आवाज़ – सर्वजीत सिंह

दिल के टूटने की आवाज़

दिल के टूटने की आवाज़ तो होती ही नहीं
दिल टूट जाये तो आँख फिर सोती भी नहीं
बेचैन रहती हैं ये आँखें यार के दीदार को
ढूंढ़ती रहती हैं हर पल बिछड़े हुए प्यार को
कहीं ना कहीं मिल जायेंगे ये रहता है यकीन
दिल के टूटने की आवाज़ तो होती ही नहीं

प्यार बसाया था दिल में उसका उम्र भर के लिए
जिसे चाहें वो मिल जाये मुमकिन नहीं बशर के लिए
वादा था जन्मों तक साथ निभाने का पर मिला ना साथ
अब तो होता ही नहीं है किसी भी दर्द का अहसास
प्यार तो अपना सच्चा था शायद नसीब में थी कमीं
दिल के टूटने की आवाज़ तो होती ही नहीं

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 11/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 11/03/2016

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