बेरुखी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

बेरुखी

हुस्न की बेरुखी
अब हमसे सही नहीं जाती
अच्छा होता के दम तोड़ देते ……..
उनकी चौखट पर हम

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

2 Comments

  1. pallavi laghate 07/03/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/03/2016

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