तारीफ़ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

तारीफ़

हुस्न की तारीफ करना
कोई जुर्म तो नहीं
फिर क्यूँ कफा हो गए …….
जो किया ज़िक्र आपका मैनें

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/03/2016

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