* माता *

माता वो हैं
जिन्हें कुछ भाता नहीं
अपने संतान के सिवा
उन्हें कुछ सुहाता नहीं।

खुद भूखा रहे
संतान को खिलाए
उनका पेट भरा है
ऐसा वो जताए।

संतान कुछ भी कहें
उन्हें अच्छा लगता
हर दुःख पीड़ा उनके आगे
उन्हें सस्ता लगता।

जीवन गुजार दी
सेहत बिगाड़ ली
सब कुछ भूल गई
संतान को सवारने में।

आज वही संतान कहता
आप ने क्या किया
आप ने आनंद लिया
हमें क्यू पैदा किया।

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