* कोशिश *

माना की तुम विद्वान नहीं
किसी विषय-वस्तु का विशेष ज्ञान नहीं
अलग से कोई पहचान नहीं
अन्दर तेरे दम्भ और अभिमान नहीं
कोशिश करने में क्या जाता है
जो कोशिश करता है वही पाता है।
माना की तुम नेता नहीं अभिनेता नहीं
बड़े बाप का बेटा नहीं
सुख सुबिधा कुछ देखा नहीं,
कीचड़ में है कमल खिलता
अनोको उदाहरण इतिहास में पड़ा ,
कोशिश से ही पुल बनता
मिट्टी का घड़ा जगत का शील घिसता
क्या तुमने कालिदास ,वरदराज का
नहीं सुनी कहानी
एक महामूर्ख तो एक था अज्ञानी
वाल्मीकि, तुलसीदास ,मीरा की बात छोड़ो
रहीम कबीर साईं को गुणों
बिरसा मुण्डा भगत सिंह
चन्द्रशेखर आजाद को भी जानो
कोशिश की महिमा नरेन्द्र क्या बखानू
जिसने भी किया कोशिश
उसने जला दिया ज्योति।

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/03/2016
  2. नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 05/03/2016

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