किताब – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

किताब

हमने उनके दिल के हर सफ़े पे
लिख दिया था नाम अपना
पर ना जाने कब …… बेवफा ने
दिल की किताब ही बदल डाली

शायर : सर्वजीत सिंह
sarvajitg@gmail.com

8 Comments

  1. anuj tiwari 05/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/03/2016
  3. omendra.shukla omendra.shukla 05/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/03/2016
  4. Saviakna Savita 12/03/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 12/03/2016

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