अनपढ़ नेता

हर तरफ वकील, डॉक्टर
और इंजीनियरिंग के कालेज खुल रहे हैं
लाखों की संख्या में बन- बन कर,
उनसे हर रोज बाहर आ रहे हैं |

नौकरी के नाम पर यहाँ से वहाँ,
भटके जा रहे हैं
और न जाने कितनों की ही,
जेबें कतरें जा रहे हैं |

चारों तरफ क्राइम का,
ग्राफ बढ़ता रहा है
और पढ़ा लिखा,
बेरोजगार हो रहा है |

हर तरफ ट्रेनिंग सेंटरों के,
बोर्ड लग रहे हैं
जिनसे इंजिनियर और डॉक्टर
हर रोज बाहर आ रहे हैं |

एक अनपढ़ ये सोच कर,
घबरा रहा है
बेरोजगारों का चारों तरफ,
बोल बाला हो रहा है |

और अपने रोजगार के बारे में,
हर रोज सोच रहा है
और कैसे जनता पर शासन करने का,
प्लान बना रहा है |

एक सोच दिल में आयी,
नेता बनने की इक्च्छा,
बस मन में जगायी
और उसको पूरे दिल से सजायी I

कुछ लोगों ने बतलाया,
ये सब पैसे के खेल हैं
नेता बनना भी, टेढ़ी खीर है
आगे खिंची बहुत बड़ी लकीर है |

मन में नेता बनने का ख्याल आया
और ट्रेनिंग लेने का मन बनाया
देश विदेश सब जगह ढूडवाया
पर कहीं भी नेता बनने का कालेज नज़र नहीं आया |

इस पर अनपढ़ रहने का ही, मन बनाया
और फिर गुंडागर्दी, चारों तरफ फहराया
और अपने आप को, बिलकुल बेफिक्र बनाया
और अपने अन्दर से, सभी डरों को दूर भगाया |

जैसे- तैसे एक मंत्री को, दया आयी
नेता बनने के लिए, पार्षद का टिकट दिलवाया
उसी वार्ड में कई दबंग खड़े थे, दबंगों ने उसे धमकाया
और परचा वापस लेने को समझाया |

दबंगों ने २० लाख दिखलाया
इस पर नेता ने, अपना नाम वापस कटवाया
और २० लाख से ही मन को बहलाया
और फिर से मन में नया लालच आया |

अगली बार एम.एल. ए. का मौका आया
और भूतपूर्व भाजपा नेता बतलाया
और फिर टिकट के लिए होसला बढाया
और निर्दलीय खड़े होने का मन बनाया |

जैसे तैसे परचा भरवाया
और कुछ इंजिनियर और डॉक्टरों को गले लगाया
और उनको कुछ पैसे दे कर अपना बनाया
और अपने नारे जोर- जोर से लगवाया |

बेनोरों पर पर कांग्रेस बसपा जनता दल ,
और सपा के बड़े- बड़े नेताओं के फोटो ऊपर लगवाया
और नीचे अपना फोटो लगवाया,
और अपने नाम के नीचे, भूतपूर्व भाजपा नेता लिखवाया |

दूसरे नेता सब हैरत में पड़ गए,
ये कौन सा नेता आया
उसने चुनाव चिन्ह, भारत बनवाया
और अपने आप को देश भक्त बतलाया |

ये कौन नया देश भक्त आया
इससे मतदाताओं को नया जोश आया
और सभी ने अपने अपने नेताओं के नाम पर
नेता के भारत चिन्ह पर मोहर लगाया |

मतदाता आज भी, देश भक्तों को सलाम करता है
और अपने भारत का सम्मान करता है
नेता जी एम.एल. ए. बन गए
और जिले के छोटे मोटे काम करवा गए |

जो डवलपमेंट फंड आया,
उसके लिए जगह- जगह पर
छोटे- मोटे काम को करवाया,
और लोगों से सिग्नेचर करवाया |

ऊपर से नीचे तक, सबको खुश करवाया
और फंड का कुछ हिस्सा, हिसाब से बटवाया
और १० रूपये का काम १० हज़ार में करवाया
लोगों को भी काम होता नज़र आया |

एम.एल. ए. बनकर ही, कई हज़ार करोड़ डकारा
मतदाताओं को भी खुश कर डाला
और अपना भविष्य बना डाला
और देश का भी उद्धार कर डाला |

इस तरह से सब मतदाताओं को,
अपने हक़ में कर डाला
और फिर अपने आप को,
देश का प्रतिष्ठित नेता बना डाला |

और फिर सभी चेनलों पर, जो-जो काम करवाया
सब कुछ दिखला डाला
और फिर हमेशा के लिए मतदाताओं का
चहेता नेता बना डाला |

Kamlesh Sanjida photo
कमलेश संजीदा , गाजियाबाद

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