* चाहत *

चाहत नहीं है हमें
किसी को पाने की ,
चाहत नहीं है हमें
शिखर पर जाने की ,
चाहत नहीं है हमें
मसहूर हो जाऊ
भाग्य पर इठलाऊ-एतराउ।

चाहत नहीं है हमें
कोई मनाए मेरा जन्मदिन
या मनाए जयन्ती
मेरे सम्मान में रखें
अवकाश या लगाए छवि।

चाहत नहीं हमें
संत महात्मा कहलाने की ,
चाहत नहीं है हमें
चौक-चौराहे इश्तिहार में नाम लिखाने की ,
चाहत नहीं है हमें
न्यास चलाने की।

मैं हूँ इंसान
इंसान का संतान
ईश्वर का वरदान ,
चाहत है हमें
अच्छा इंसान बन
अपना जीवन बिताने की
किसी का काम आ जाऊ
अपना जीवन सार्थक बनाने की।

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