सौदे भी शहीदों के

सौदे भी शहीदों के
अब तो इसने कर डाले
अपने देश की धरोहर को भी
विदेशों में गिरवी कर डाले |

अंग्रेजों के दलालों को
देश भक्त बना डाला
स्वतंत्रता संग्राम के गद्दारों को
स्वतंत्रता संग्रामी बना डाला |

शाहिदों की गाथाएं भूल कर
उनकी मक्कारी सुनते हैं
सच्चे इतिहास को मिटाकर
उनकी झूटी कहानी रचते हैं |

कैसा अजब अत्याचार मचा है
और इतिहास के साथ खिलवाड़ मचा है
फिर उस पर भी गद्दारों को गद्दी
और उस पर भी ताज मिला है |

शहीदों को कहाँ वो सम्मान मिला है
उनको उनका कहाँ वो मान मिला है
२६ जनवरी ,१५ अगस्त और २ अक्टूबर
केवल उनको नाम मिला है |

तिरंगा फहरा कर राष्ट्रगान को
हर दम धोखा देते हैं
रिश्वत और जमाखोरी करके
देश को हर दम चूना लगाते हैं |

अपने देश की आँखों में
हर दम धूल झोंका करते हैं
और घोटाले करके यहाँ
हर दम स्विस बैंक भरते हैं I

आज उन्हीं गद्दारों को
सम्मानों से नवाजा जाता है
और नए -नए पुरस्कारों से
उनको सरहाया जाता है |

जब पोल खुली कुछ गद्दारों की
उनको मशीहा बनाया जाता
जेलों में भी उनको हर दम
पांच सितारों का मजा दिलाया जाता |

कोई यहाँ चारा खा जाता है
कोई तेलगी बनता है
और कोई कसाब के ठाठ पर
अरबों का बजट बनाता है |

जाने कितने भ्रस्टाचारियों को
और न जाने कितने आतंकियों को
और न जाने कितने बाहुबलियों को
और न जाने कितने दोषियों को |

न जाने कितने डकेतों को
और धर्म के ठेकेदारों को
और यहाँ के गद्दारों को
संसद का आरक्षण मिलता है |

फिर भी जनता चुप-चाप क्यों
गूंगी और जो बहरी है
छोड़ दो अब सब झूंठ के आँचल
रोक दो अब इस दुश्मन को |

उठो जागो हिमालय और कैलाश से
उठो जागों महाराष्ट्र दिल्ली से
उठो जागो कन्याकुमारी और काश्मीर से
उठो जागो हर कोने-कोने से |

अब फिर से देश बचाना है
अपनों की ही परतंत्रता से
गद्दारी और भ्रष्ट्राचार से
बाहुबलियों के अत्याचार से |

हमको स्वतंत्रता पाना है ,
चाहें इसके लिए कुछ भी गँवाना है
हर एक मजहब को फिर से,
अब हमें जगाना है |

सबके मन में देश प्रेम का,
फिर से दीप जलाना है
और परतंत्रता के इस अन्धकार को,
हमको दूर भगाना है |

Kamlesh Sanjida photo
कमलेश संजीदा , गाजियाबाद

2 Comments

  1. Onika Setia Onika Setia 03/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/03/2016

Leave a Reply