हुस्न – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

हुस्न

इस दिल की धड़कन सासों की गर्मी
तेरे हुस्न से है
कहीं मुहँ मत मोड़ लेना ………………..
के मौत आ जाये

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शायर : सर्वजीत सिंह

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/03/2016

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