कहानी लहरों की

हर लहर की एक सी कहानी नही होती
सब की किस्मत मे किनारो की मेजबानी नही होती

वो वहता दरिया है मगर उतार चढ़ाव है उसमे
समन्दर की जिन्दगी मे भी इतनी आसानी नही होती

सब किस्से सुनाते है वहादुरी के दुनिया मे
पर हर सख्सिशयत खानदानी नही होती

मैं भी निकल पड़ा हूँ हुनर आजमाने यहाँ पर
मगर महफिल सबकी दीवानी नही होती

लिखा हो कुछ नया तो हमको भी बता देना
वर्ना अखवार की खबरो मे अब जवानी नही होती

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/03/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/03/2016
  3. Chandan 02/03/2016
  4. Sneha 02/03/2016
  5. Piyush 02/03/2016

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