मोहब्बत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मोहब्बत

हुस्न तो ढल जाया करता है अक्सर
पर तेरे चेहरे पे अब भी खुमार है
ये तो मेरी मोहब्बत का असर है
जो कि…… आज भी बरकरार है

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लेखक : सर्वजीत सिंह

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/02/2016
    • sarvajit singh sarvajit singh 27/02/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/02/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 27/02/2016
  4. pankaj charpe Pankaj Charpe 28/02/2016

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