ये दुनिया है मेरे दोस्त ..

ये दुनिया है मेरे दोस्त ..
नफरत से जलती है.… मोहब्बत से चलती है।

ये रातों सी काली भी है … ये संझा की लाली भी है
बदलते मौसम के साथ नये रंगों में ढलती है

ये दुनिया है मेरे दोस्त ….
नफरत से जलती है…. मोहब्बत से चलती है।

7 Comments

  1. anuj tiwari 26/02/2016
  2. seema khanna 27/02/2016
    • हेमन्त'मोहन' 27/02/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/02/2016
    • हेमन्त'मोहन' 27/02/2016
  4. seema khanna 27/02/2016
    • हेमन्त'मोहन' 02/03/2016

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