“मुजे वो हिन्दुस्तान मिल जाये”

जिस के पास भी मांगु गीता और कुरान मिल जाये ।
मिल जुल कर रेहना हैं सबका ये ख्याल मिल जाये ।
ना कोई ईसाई ,ना कोई हिन्दू ,ना कोई मुसलमान हो ;
जहा सिर्फ हिन्दुस्तानी हो मुजे वो हिन्दुस्तान मिल जाये ।
-एझाझ अहमद

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/02/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/02/2016
  3. एझाझ अहमद Azaz Ahmad 23/02/2016
  4. ASHISH KUMAR SRIVASTAVA 26/02/2016
  5. mangala mangala 01/03/2016

Leave a Reply