कौन जानता है |ग़ज़ल |

परदे के पीछे का गफ़लत कौन जानता है |
बेगुनाह जेल में,गुनाहगार आज़ाद घूमता है |

झूठ को सच साबित करने में देर नहीं,
बेमौसम यहाँ लोगो का ईमान बदलता है |

फूटपाथ में सोने के लियें मजबूर है गरीब,
पर यहाँ अमीरों काला धन विदेश भेजता है |

कुछ लोग है यहाँ पर देश के दुश्मन ,
यहीं कुछ लोग नफ़रत का बीज बोता हैं |

क्यों लोग अंधे हो जाते है इस कदर ,
बिना सोचे-समझे अपना ही घर जलाता है |

माना कि कुछ उथल-पुथल है देश में ,
पर इस धरा से प्रेम हर भारतीय करता है |

Dushyant kumar patel

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/02/2016
  2. Dushyant patel 23/02/2016

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