मैं सबला

कैसी है पहेली
जानू ना अकेली
यह कैसी बेबसी रे
पास ना आ सकु रे
कोना कोना तेरा अहसास दिलाये
हर क्षण तेरा प्यार ये मुझे बुलाये
तेरी जगह पर जा बैठती मैं रे
अहसास तेरी बाँहों का दिलाये रे
स्पर्श तेरा मुझको अबला से सबला बनाये
मीठी मीठी मुस्कान पास तेरे बुलाये
रोकना चाहू खुदको; रोकना पाऊं खींची चली आऊं
बिखरी चीजे देखती हूँ तो सोचती हूँ यही चाँद तारे
इन्हे सँवार दूँ तो सारी दुनिया संवर जाये रे
– काजल / अर्चना

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/02/2016

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