अकेले ही

संभल कर रखना कदम
चारो तरफ कीचड़ हैं
ना जाने कौन दोस्त हैं
ना जाने कौन दुश्मन हैं।
आगे तुम्हें बढ़ना हैं
यही हमारी कहना हैं
हर मंजिल को पाना हैं
यही सबकी तमन्ना हैं।
मतलब की दुनिया हैं
कोई ना साथ होगा
अकेले ही तुम्हें चलना हैं
दोस्ती में ही दुश्मनी हैं।
मेहनत ही रंग लाती हैं
मेहनत यदि नही करोगेँ
मंजिल कहाँ से पाओगे
मेहनत ही तेरी साथी हैं।
बोओगे बीज ख़जूर का
तो आम कहाँ से पाओगें
वक़्त तो चलता ही जाएगा
तुम ऐसे ही रह जाओगेँ
वक़्त के साथ चलना सिखों
रास्ता खुद बनाना सिखों
मेहनत का रंग मीठा होता हैं
ये सभी जानते हैं।
अपना एक अटल निर्णय बनाओ
अपने निर्णय पर डटे रहो
अपने को कभी कमज़ोर मत समझो
तभी तुम मंजिल पाओगें।
अँधेरे से निकलो
अँधेरे में हैं किया
उजाले में ही शांती हैं
ज़रा संभल कर चलना
अकेले ही तुम्हें चलना हैं।
@मु.जुबेर हुसैन े