* कौआ *

कौआ को लोग यु ही बदनाम करते हैं
काला धूर्त और चलाक कहते हैं ,
कहते हैं “पंक्षी में कौआ जाती में नउआ
चलाक होता है। ”
चलाक तो वह कोयल है
जो दूसरे के घोंसले में अण्डा देती है,
चलाक तो वो हैं जो किसी न किसी
तरीके से दूसरे पर राज करते हैं।
कभी लोकतंत्र कभी राजतन्त्र
कभी वंशवाद की बात करते हैं।
कोयल से काली कोई नहीं
वह जलती रहती है ,
तभी तो उसका आँख लाल है ,
क्या यह अच्छी बात है।
कौआ लाख बुरा है पर
इस में भी कुछ अच्छी बात है
भरोसा नहीं करता वह किसी पर
लेकिन खाने के पहले बुलाता
वह अपना पूरा समाज है।
अच्छे बुरे खबर की समझ है उसे
जो उसे समझे
उसे वह करता आगाह है ,
समय की ऐ बात है
कहते सभी शास्त्र हैं
उसका भी समय आएगा ,
जो सत्ता शासन में रहता है
वह अपने हिसाब से लिखता इतिहास है।
कौआ को लोग यु ही बदनाम करते हैं
काला धूर्त और चलाक कहते हैं

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