आजादी

देश की हर आबादी ने,मांगी थी अपनी आज़ादी
क्या ये आज़ादी बस थी अंग्रेजी हुकूमत तक

अंग्रेजी हुकूमत से आज हर आबादी आज़ाद है
फिर भी भारतवंशी आज दाने-दाने को मोहताज है
सोच रही है हर आबादी ,कब मिलेगी इनसे आज़ादी

नारी अत्याचार से ,दानव भ्रस्टाचार से
अशिक्षा के हथियार से,जाति-धर्म के दीवार से
सोच रही है हर आबादी ,कब मिलेगी इनसे आज़ादी

महगाई के डायन से,बेरोजगारी के दामन से
आतंकवाद के रावण से,बढ़ते हाथ दुस्सासन से
सोच रही है हर आबादी ,कब मिलेगी इनसे आज़ादी

भुखमरी की आग से ,बूँद-बूँद की प्यास से
गन्दगी के अम्बार से,गरीबी की जाल से
सोच रही है हर आबादी ,कब मिलेगी इनसे आज़ादी

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/02/2016
    • vijaykr811 vijaykr811 04/05/2017
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/05/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 04/05/2017
  3. md. juber husain md. juber husain 04/05/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 05/05/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 04/05/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 05/05/2017
  5. babucm babucm 05/05/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 05/05/2017
  6. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 05/05/2017
    • vijaykr811 vijaykr811 05/05/2017

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