मालिक

मेरा भी नसीब है मालिक|
तू मेरे करीब है मालिक|
दिल बगदाद का खलीफा है|
तन बिलकुल गरीब है मालिक|
मैं कंजूस हूँ हठीला हूँ,
रग रग में गुरुर है मालिक|
क्यों मुझको बना दिया ऐसा,
क्या मेरा कुसूर है मालिक|

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/02/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/02/2016

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