छोड़ दिया शायरियाँ सुनाना

छोड़ दिया शायरियाँ सुनाना आपके इस दोस्त ने,
गम भरी दास्ताँ को गाना आपके इस दोस्त ने,
फिर भी कभी दिल करे तो आईयेगा शौक से,
नहीं छोड़ा हाल-ए-दिल सुनाना आपके इस दोस्त ने।

यकीं है इस राह पर वापस फिर आएगी वो,
इतने खुशनुमा हसीन पल कैसे भुलापाएगी वो,
मेरे रोते हुए दिल ने नहीं देखा सबेरा प्यार का,
अंधेरे को करके विदा फिर चाँदनी लाएगी वो,
इसीलिए,
शुरू कर दिया राहें सजाना आपके इस दोस्त ने।
छोड़ दिया शायरीयाँ सुनाना आपके इस दोस्त ने।

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  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/02/2016

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