||एक विद्यार्थी का माँ को सन्देश ||

“माँ नहीं पढ़ना है मुझको अब
ना विद्यालय मै जाऊंगा
अनपढ़ रहना है अच्छा
ना गाली तुझे मै दिलाऊंगा,

पढ़-लिखके लोग जहाँ पे
अपने ही देश को गाली देते है
करते बदनाम है शिक्षा को वे
अभिव्यक्ति की भी बलि देते है ,

किस मुँह से माँ मै विद्यालय जाऊ
कहीं मै भी देशद्रोही ना बन जाऊ
बहकावे में आके मै भी इनके
कहीं देशद्रोह ना कर जाऊ ,

पढ़ लिखके लोग यहाँ पे
गद्दारी देश से कर जाते है
भले है उनसे हम अनपढ़ जो
जो देशहित में बलि चढ़ जाते है ,

पढ़ लिखकर माँ मुझको भी
देशद्रोही ना कहलाना है
बनके कृषक पुनः मुझको
देश सेवा में लग जाना है ||”

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/02/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 16/02/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/02/2016
  4. omendra.shukla omendra.shukla 16/02/2016

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