||देशद्रोह |हाइकू ||

“क्या खूब आज
गद्दारी दिखती है
खून में यहाँ |

अपने लोग
है लुटते अश्मत
माँ बहनों की |

मूक दर्शक
बन जाते है हम
सुनते गाली |

देशद्रोह को
धड़कता है दिल
अपने लोग |

नामर्द यहाँ
हुआ है संविधान
पहने चूड़ी |

टुकड़े होगा
फिर भारत जल्द
मनाओ ख़ुशी |

हो बेइज्जत
सहता देशद्रोह
अँधा कानून ||”

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/02/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 16/02/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/02/2016
  4. omendra.shukla omendra.shukla 16/02/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/02/2016

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