||नामर्द भारतीय ||

“ये गाली वीर शिवाजी को है
फिर किसी ने प्रताप को ललकारा है आज
क्यूँ नामर्द बने पड़े हो तुम
क्यूँ सुध खोयी है तुमने आज ,

माँ कहके जिस भारत को तुम
रोज गला फाड़ चिल्लाते हो
लुटती उसकी अश्मत पे
क्यूँ तमाशबीन बन जाते हो ,

क्या वीरता हिन्दुस्तानियों की
सिर्फ कहानियों में सिमट जाएगी
या वीर गाथायें सच्ची उनकी
तुम जैसी नामर्द हो जाएँगी ,

माँ की लुटती अश्मत पे
जो सहिष्णु धर्म अपनाते है
है नामर्दो की औलाद सभी वो
और भारतीय कहलाते है ||

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/02/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 16/02/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/02/2016
  4. omendra.shukla omendra.shukla 16/02/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/02/2016

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