* देह वाली *

लोग कहते हैं
हमें वेहया
फिर इतनी भीड़
यहाँ क्यू आया
हम किसी के पास
जाते भी नहीं
किसी को यहाँ
बुलाते भी नहीं
लोग कहते हैं
हमें तवायफ
फिर लोग हम से
तौबा मानते क्यू नहीं।
मैं हूँ देह वाली
मैं देह बेचती हूँ
कोई आन बेचता है
कोई शान बेचता है
कोई साजो सामान बेचता है
मैं हूँ देह वाली

मैं देह बेचती हूँ।
कोई दिखा कर बेचता है
कोई छुपा कर बेचता है
कोई अपने सामान को
दुकान में सजा कर बेचता है ,
मैं जो भी बेचती हूँ
खुलेआम बेचती हूँ
मैं हूँ देह वाली

मैं देह बेचती हूँ।
लोग हमें झूठे बदनाम करते
ऐसे भी लोग हैं
जो ईमान बेचते हैं
जमीर बेचते हैं
इंसान बेचते हैं
मैं हूँ देह वाली
मैं देह बेचती हूँ!

मैं हूँ देह वाली
मैं देह बेचती हूँ!!

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