* बीमार *

कोई कहता है ?
वो बीमार नहीं
किसी रोग का शिकार नहीं
किसी प्रकार का उसे चढ़ी बुखार नहीं
तन मन मस्तिष्क से वह है
पूर्ण स्वच्छ और स्वास्थ्य।
सब झूठ बोलते हैं
छोड़ कुछ अपवाद ,
किसी को मन की बीमारी
किसी को तन की बीमारी
किसी का मस्तिष्क गई है मारी।
किसी को सच बोलने की बीमारी
किसी को झूठ बोलने की बीमारी
कोई है बेविचारी
कोई है भ्रष्टाचारी
किसी को चढ़ी है धन दौलत
शक्ति पैसा पहुंच की खुमारी।
कुछ लोग कहते हैं
सच बोलना और ईमानदारी
है सबसे बड़ी बीमारी
जिसे लग जाए सारा जीवन साथ निभाए
चाहे धन-दौलत संतान या खुद मिट जाए।
कहीं यहीं बात तो नहीं
लोगों के दिमाग में घर कर गई ,
ईमानदारी छोड़ बईमानी अपना रहें
भ्रष्टाचार को खूब फैला रहें
भ्रष्टाचारी को बचा रहें।

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