“मान”

मोतियों की आब सी
फूलों में गुलाब सी
झान्झर की झनक सी
चूड़ियों की खनक सी
खाने में महक सी
जीवन में चहक सी
पूर्णिमा के चाँद सी
मेरे घर का ‘मान’सी ।

‘मीना भारद्वाज’

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 15/02/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/02/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 15/02/2016

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