दुआओ का असर- शिशिर “मधुकर”

चलो इस प्यार में हम तुम कुछ ऐसा कर जाए
जिस्मों से जुदा होने न दें एक दूजे के घने साये.

सफर में साथ चलने से नई राहें निकलती हैं
इस सच की बदौलत ही उमंगें भी मचलती हैं.

जीवन में सुकून मिलना कभी आसाँ नहीं होता
जिसके पास कुछ है ही नहीं वो कुछ नहीं खोता.

कभी ऐसा भी होता है कि दिल में आग होती है
मगर दुनियाँ की नज़रों के लिए आंसू नहीं होता.

क्या होगा कल ना तुझको है पता ना मुझको है मालूम
लेकिन यकीन मुझको है मधुकर जो भी होगा सही होगा.

खुदा के सामने सज़दे में भी गुज़र जाती है सारी उम्र
नमाज़ी सोचता है एक दिन तो दुआओ का असर होगा.

शिशिर “मधुकर”

8 Comments

  1. omendra.shukla omendra.shukla 15/02/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 15/02/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/02/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 15/02/2016
  7. Vinod rajpoot 05/03/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/03/2016

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