कुछ गजले

इस कदर तेरी करतूतो का सताया है दिल
अब तो आलम ये है कि
कलम उठाता हूँ अपने दिल के जज्बात लिखने के लिए
ये फिर तेरी बेवफाई के कारनामे उगल देती है !!!!!!

जो बात निगाहों से होती है
जुबानों में वो बात कहाँ
जिनसे मुलाकात सिर्फ ख्वाबो में होती है
साकार में उनके दर्शन की सौगात कहाँ
किनारे पर वो भी बैठे है
किनारे पर हम भी बैठे है
दिलो को मिलने से रोक ले
नदी के बहाव में वो औकात कहाँ !!!!!!!!!!!

मुझे जब भी तेरी याद आती है
तेरी यादे दिल पर खंजर चला जाती है
मालूम नही यह रिश्ता कैसा है
पर तेरे अहसास से धड़कन और तेज हो जाती है
तुझे देख कर चेहरे पर मुस्कान आती है
दूर जाने की खबर मायूसी दे जाती है
चाहकर भी भूल ना पाया , आज भी
तेरी खुशबू साँसों को गति दे जाती है
क्यों तेरे आने से पहले तेरा अहसास हो जाता है
तेरे जाते ही ये दिल उदास हो जाता है
मुझसे दूर जाना तेरी मजबूरी सही
पर मुझे भूल जाना जरूरी तो नही
दुआ करते है तू जहाँ भी रहे सलामत रहे
तेरे हिस्से की शामत भी हमारे यहाँ रहे !!!!!!!!!!

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