||बुरा संयोग |हाइकू ||

“अपमानित
हुआ है देश फिर
बुरा संयोग |

हुआ दूषित
ये देश स्वजनों से
बुरा संयोग |

बन बैठे है
जहाँ आतंकी देव
क्या होगा अब |

खंडित हुयी
अखंडता इसकी
पापी मानव |

मिट्टी का कर्ज
चुकाया है लोगो ने
अपमान से |

जड़ काटते
यहाँ अपने लोग
बुरा संयोग |

नहीं जरुरी
है शत्रुता किसी से
स्वजन काफी ||”

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 13/02/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 13/02/2016

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