||लांसनायक श्री हनुमनथप्पा जी को समर्पित ||

“छोड़ चला है पुनः कोई
आज हमें इन वीरानों में
आँखे नम हो आयी है फिर से
उन सरहद के बलिदानों से ,

कर गए नाम अमर तुम अपना
सरहद पे कर्त्तव्य निभा करके
हर पल सींचा है इस देश को
तुमने खुद का लहू बहा करके ,

हो अदम्य साहस के प्रतिक तुम
ना व्यर्थ हुआ बलिदान तुम्हारा
गौरवान्वित किया है इस भारत माँ को
वीरता भरा बलिदान तुम्हारा ,

धन्य हुयी है माँ भारती
पाके सपूत आप जैसा
सच्चे वीर हो भारत के
नहीं दूजा कोई है आप जैसा ||”

2 Comments

  1. Bimla Dhillon 11/02/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 12/02/2016

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