||मूसलाधार बारिश | हाइकू ||

“मूसलाधार
कण्टक सी बारिश
हो रही आज |

प्रसन्न हिय
कृषको का वर्षा से
असीम ख़ुशी |

सोंधी महक
ये पावन मिट्टी की
फैली मुस्कान |

ईश प्रार्थ में
सहज ही उठे हाथ
हो कृपादृष्टि |

करते गान
ये विटप गण भी
उस ईश का ||”

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