||देशहित के लिए खुद में परिवर्तन जरुरी ||

“हर साल बदलते जाते है हम
कैलेंडर नए -नए से घर में
ना सोचा कभी है हमने
कुछ बदलाव करने की खुद में ,

देख समाचार देश दुनिया के
रोज सुबह अख़बारों में
चिंता बहुत जताते है हम
देश के अपने दुर्भाग्यों में ,

इस देश का ना कुछ हो सकता है
कहते ऐसी चाय की चुस्किया लेके
क्या खुद कुछ कोशिश हमने की है
कुछ कार्य देशहित में करने की ,

जीवन पूरा गुजर जाता है
खुद के कार्यों को पूरा करने में
चंद वक्त दे सके इस देश को हम
ना मुश्किल है ऐसा करने में ,

हर कोई कोशिश करे अगर थोड़ी सी
ये देश सहज ही बदल जायेगा
सोने की चिड़िया कहलाने वाला ये देश
खुद सोने का हो जायेगा ,

हर कैलेंडर के साथ हम भी बदले
और करे एक नया संकल्प रोज
कुछ काम हो इस देशहित में भी
जीवन का ऐसा उद्देश्य हो रोज ||”

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/02/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 11/02/2016
  3. omendra.shukla omendra.shukla 11/02/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 11/02/2016
  5. omendra.shukla omendra.shukla 12/02/2016

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