गर्दिशों का मारा मुसाफिर…

गर्दिशों का मारा मुसाफिर,
न जाने कहाँ भटक गया…!
उसके इंतेज़ार मे सदियों से,
कोई आस लगाए बैठा है…!!

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Acct- इंदर भोले नाथ….

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