वफ़ाओं का ईनाम… – गज़ल

करके बदनाम हमें नाम दिए जाते हैं-२

ऐसा था वैसा था तमाम कहे जाते हैं,

करके बदनाम हमें नाम दिए जाते हैं…….

बड़ी सिद्दत से तेरी चाह राखी थी हमने-२

चाहतो को मेरी नीलाम किये जाते हैं,

करके बदनाम हमें नाम दिए जाते हैं…….

तेरा सजदा किया था मैंने ख़ुदा से पहले-२

मेरी वफ़ा का वो इनाम दिए जाते हैं

करके बदमान हमें नाम दिए जाते हैं……..

अब वो कहते हैं, के तुम न रहे पहले से-२

खुद बदल के, हमे इलज़ाम दिए जाते हैं,

करके बदनाम हमें नाम दिए जाते हैं………

तेरी सुध में हमे दुनिया का कोई होश नहीं -२

शाम को सुबह, और सुबह को शाम कहे जाते हैं,

करके बदनाम हमें नाम दिए जाते हैं……….

जीत पे तेरी हमने सारी ज़िन्दगी हारी-२

अब वो हमीं को ही नाकाम कहे जाते हैं,

करके बदनाम हमे नाम दिए जाते हैं………

ऐसा था वैसा था तमाम कहे जाते हैं,

करके बदनाम हमे नाम दिए जाते हैं……..

6 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/02/2016
    • Vijay yadav Vijay yadav 08/02/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/02/2016
    • Vijay yadav Vijay yadav 08/02/2016
  3. Arun Kant Shukla 09/02/2016
    • Vijay yadav Vijay yadav 09/02/2016

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