छोड़े बातें टकरार की – शिशिर “मधुकर”

इस संसार में आकर जिसने प्रेम का घूँट ना पीया है
बस मशीन सा शोर मचा के उसने जीवन को जीया है
साथ मशीनों के रहनें से बनता ना कोई सच्चा नाता है
मानवीय संवेदनाओं बिन सुख पास कभी ना आता है
आओ हम तुम मिल कर छोड़े वो बातें सब टकरार की
जीवन की ये पतंग उड़ाएं जिसमें डोर बंधी हो प्यार की.

शिशिर “मधुकर”

6 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 07/02/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/02/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/02/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/02/2016
  3. YUDHI 10/02/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/02/2016

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