“मापक”

कभी किसी ने कहा था
“कैसे बताऊँ-प्यार कितना है
मापक ही नही मिलते”
बात तो सही है
मिलते तो प्रयोगशाला में जाँच होती
तिजोरी मे संभाल के रखे जाते
जिन्दगी बड़ी खूबसूरत होती
रिश्ते और परिचय
पहले मापक पर नपते
दिल टूटने का खौफ न होता
संगी साथी साथ ही होते
रिश्ते-नाते दूर न होते
सोने सा संसार होता
जीवन गुलशन गुलजार होता ।।
“मीना भारद्वाज”

8 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/02/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 07/02/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/02/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 08/02/2016
  5. laxman 08/02/2016
    • Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 08/02/2016
  6. omendra.shukla omendra.shukla 08/02/2016
    • Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 08/02/2016

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