मुक्तक- “नारी”-शकुंतला तरार

“नारी”
एक खूबसूरत एहसास है नारी
इच्छाओं की प्यास है नारी
जीवन के इस वातायन में
प्यार भरा मधुमास है नारी ||
शकुंतला तरार रायपुर (छ.ग.)

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/02/2016

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