दिल से दिल की………..

दिल से दिल की चोरी हो जाये।
एक दूजे में छोरा छोरी हो जाये ।।
तुम शाम ढले मिलने आ ही जाना,
कल क्या जाने कोई मजबूरी हो जाये।
खोने पाने का ये जग जीवन है,
कुछ छूटे तो कुछ पूरी हो जाये।
प्यार से दुनियां जलती इतनी है,
कहती है दो दिल में दूरी हो जाये।
प्यार दिलों का पावन किस्सा है,
कोई मृग तो कोई कस्तूरी हो जाये।
अब तक पल है मौज में बीता ,
अब भी तो मजदूरी हो जाये।
उसको यौवन की भार सही न जाये,
अब उसकी माॅग सिंदूरी हो जायेे।

Leave a Reply