तृप्ति

तृप्ति मिलेगी हृदय को
अगर तुम न समझो
इसे मात्र मेरी एक कविता
यदि तुम समझोगी इसे
अपने हृदय में
मेरे प्रेम की स्वच्छंद सरिता
तो निश्चित ही
तुम्हारे हृदय में
उभर आयेगी एक तरनि तनुजा
जिसमें खिला करेंगे प्रेम के कमल।

…….. कमल जोशी …….

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir 30/01/2016

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