|बदनसीब किसान |हाइकू ||

|बदनसीब किसान |हाइकू ||

“बारिश नहीं
सुखी हुई जमीन
उड़ता धूल |

मजबूरिया
दम तोड़ता किसान
डूबती आशा |

अधूरे लोग
सहायता ना कोई
अर्थविहीन |

संशय मन
आत्महत्या मंजूर
बिखरा घर |”

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/01/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 29/01/2016

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