||तुम बिन ||गीत ||

“तुम बिन रहे कैसे
तुम बिन जिए कैसे
तुम हो मेरा जीवन
तुम बिन सहे कैसे
तुम बिन रहे कैसे ..
कहते जो एक पल तुम
क्यूँ दर्द हुआ तुमको
इस मोड़ पे लाके तुम
मुह मोड़ लिया क्यों अब तो
जो तुम नहीं होते
वादे बने कैसे
तुम बिन रहे कैसे…
कैसे कहे की रब है
गम ना कोई कोई अब है
इश्क़ में जीते हम
तनहा मेरा मन है
बिन साथ तेरे सजनी
ना रंगा जमा अब है
यादों के बिना तेरे
जीते रहे कैसे
तुम बिन रहे कैसे …”

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/01/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 29/01/2016

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