तुम नजर आये

धड़कता है ह्रदय तो सोंचती हूँ तुम मेरे करीब हो
जब जब पलकों के दरवाजे बंद होते है, आँखों में तुम आते हो
सोंचती हूँ तुम्हारी याद ना आये, पर दिल तुम्हे भूलता ही कब है
करवटों में रात गुजरती है, पर सपनों में तुम आते ही कब हो
साया मेरा देखती हूँ, तुम नजर आते हो
दर्पण में देखु खुदको, चेहरा तुम्हारा नज़र आता है
– काजल / अर्चना

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir 24/01/2016
    • kajal 24/01/2016

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