मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ हिन्दुस्तानी लिख

ये हिन्दू
वो मूस्लिम
तूँ ईसाई
वे सिख..,
मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ हिन्दुस्तानी लिख…!
तेरा अल्लाह ईश्वर एक है,
तेरे ईरादे अगर नेक है..,
तो तेरा धर्म क्या?
मत ढूँढ पत्थर मे भगवान,
मदद कर सभी की
और
इंसान बन इंसान…
चाहे कोई किसी भी जाति का हो
सबका खून लाल है,
हर कोई अपनी माँ का लाल है..,
फिर भी लडते है आपस में
भाई! कमाल है..,
मन मे सूदंरता ला.. बाहर से चाहे जैसा दिख.,
मगर आलोक तूँ अपने आप को सिर्फ हिन्दूस्तानी लिख…!!!
by
ALOK UPADHYAY

VIJAY SINGH RAJPUT with ALOK UPADHYAY

VIJAY SINGH RAJPUT with ALOK UPADHYAY

One Response

  1. बन्टी "विकास" माहुरे बन्टी "विकास" माहुरे 21/01/2016

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