काश…..!

काश…….तेरी यादों की परछाई न होती,
हर महफ़िल मे इस क़दर रुसवाई न होती,
हम भी होते हर वक़्त ज़िंदगी से रूबरू,
ऐ-खुदा गर तूने मोहब्बत जैसी चीज़ बनाई न होती…!!

Acct- इंदर भोले नाथ…

addtext_com_MDAzMzU4MTgxMDI

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/01/2016

Leave a Reply