|| देशभक्ति ना मिटने पाये ||

“गम नहीं है मुझको हे ईश्वर
जो लज्जा इस देश से मिट गयी
गम नहीं इस बात का भी
जो ईमानदारी कहीं सिमट गयी ,

डर नहीं इस बात का मुझको
की बड़ों का सम्मान भी खत्म हो गया
ना भय है इसका मुझको
की नेता अपना मवाली हो गया,

ना खेद कभी करू मै इसका
की डकैत हुए है अफसर सारे
ना खेद कभी इसका मुझको
की सौदागर सुचना प्रसारक है सारे ,

ना कभी मै इस बात पे रोउ
की भूखा कोई इस देश में मरता
ना इस बात का गम करता हु
की गन्दगी कोई यहाँ पे करता ,

बस कृपा बनाये रखना हे ईश्वर तुम
देशभक्ति ना मिटे यहाँ दिलों से
हो कितने भी हम नीच प्रकृति के
ना कभी सौदा करे मातृभूमि का पैसो से ||”

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/01/2016
  2. omendra.shukla omendra.shukla 19/01/2016

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