||भविष्य का नया सीरिया “भारत “||

“दूर नहीं वो दिन अब तो
जब वेश्यापन जरुरी होगा
बात बात पे कटेंगी गर्दने
और नालों में सिर्फ रक्त बहेगा,

हर महिलाये बाजारू होंगी
अश्मत सरे आम लूटी जाएगी
ना होगा फिर इज्जत का पहरा
और कस्मे सारी तोड़ी जाएँगी ,

नेता,अफसर और मिडिया गण
बेच देश को खाएंगे
आतंकियों से हाथ मिलाकर
इतिहास को फिर दुहराएंगे ,

जब चीखों से ब्रह्माण्ड थर्रायेगा
आकाश भी तारों में सिमट जाएगा
हवाएँ भी मुरझा जाएँगी
इंसानियत पल भर में मिट जायेगा ,

एक नया सीरिया बनेगा भारत ये
और आतंक का नया साम्राज्य होगा
ना कोई फिर हिन्दू,मुस्लिम
हर गुनाह फिर आम होगा ,

सोचो समझो और सीखो कुछ
वक्त नहीं है पास तुम्हारे
अब की बार यदि जागे नहीं तो
तो समझो जीवन अपना हारे ||”